Agriculture

Pacific University

Agro-advisory for Udaipur district

Period: 14th  April 2018 to 18th April, 2018

Weather forecast valid up to 18th April, 2018
There is possibility of cloudy weather during next five days. Easterly to south westerly winds with the speed of 3 to 7 kmph are expected during next five days. The expected maximum temperature will be 36 to 38°C and expected minimum temperature will be 23 to 25°C during next five days. The maximum relative humidity will be in between 56 to 69 and minimum relative humidity 8 to 11%.
Agroadvisory for the coming week
1.Wheat and barley: Harvesting of wheat and barley should be completed and collected at open field for drying and kept for 5 to 6 days for threshing.
2.Summer Groundnut: In groundnut, this time formation of aerial pegs so irrigation should be applied.
3.General: Due to rise in temperature, attack of insect and pest is very low, so no use of any chemical insecticides. When crop are harvested and field are empty, they should be done deep summer ploughing. Soil sample should be collect from each plot and test in laboratory. 4.Vegetables:Due to rise in temperature, transpiration rate will be increased, so, maintaining for proper moisture, irrigation should be applied at 5 to 6 days intervals. In bitter gourd, watermelon and cucurbits crops to control of fruit fly spray Malathion 30 EC 1ml in 1 liter water solution.

 

 

उदयपुर के लिए मौसम आधारित कृषि परामर्श

18 अप्रैल,  2018 तक मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान विभाग, जयपुर से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आगामी 5 दिनों में उदयपुर जिले में आसमान में हल्के  बादल छाये रहने की संभावना है। हवा की गति 3 से 7 किलोमीटर प्रतिधण्टा के वेग से पश्चिमी से दक्षिण पश्चिमी दिशा से चलने तथा अधिकतम तापमान 37 से 39 एवं न्यूनतम 22 से 23 डिग्री से. रहने के साथ साथ वायु में आर्दता की मात्रा अधिकतम 67 से 69 प्रतिशत तक एवं न्यूनतम 12 से 16 प्रतिशत रहने की सम्भावना है।

 

अगले पांच दिनों के मौसम के आधार पर किसान भाईयों को कृषि सलाह
कृषि सलाह
गेहूँ की फसल की कटाई-मंड़ाई का प्रबन्ध कर लें। मौसम की स्थिति अन ुसार फसल कटाई कर सुरक्षित करें।
जायद मंूगफली में सुइया बनते समय सिंचाई करें। तापमान एवं मृदा में उपस्थित नमी के अन ुसार सिंचाई करें।
करेला, तुरई, टिण्डा, ककड़ी व खरबूजा में फल मक्खी के प्रकोप से फल काणंे हो जाते हैं। फल मक्खी के नियंत्रण हेतु काणंे फलों को तोड ़कर भूमि में गहरा गाड़कर नष्ट कर देवें तथा कीटनाशी दवा मैलाथियाॅन 50 ई.सी. का एक मिलीलीटर प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड ़काव करें।
किसान अपने खेतों से मिट्टी और पानी के नमूने लेकर मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं में मिट्टी-पानी की जाँच करवायें। इससे फसल के लिए संतुलित खाद/उर्वरक की मात्रा का पता चलेगा, साथ ही पैसों की बचत होगी एवं मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढे़गी।
इस समय वातावरण में तापमान व हवा की गति अधिक होने के कारण वाष्पोत्सर्जन कि दर बढ सकती है अतः मृदा में नमी को बनाये रखने के लिए सब्जियो व फसलो में सिंचाई के अन्तराल को कम कर 5-6 दिन के अन्तराल पर सिंचाई करें।

 

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Email:agri@pacific-university.ac.in
 
Course Eligibility Duration
B.Sc.(Hons.) Agriculture 10+2 pass (Science+Maths/Bio/Agriculture) 4 Years.
M.Sc. Agronomy/Genetics & Plant Breeding B.Sc.(Agriculture) 2 Years
Ph.D M.Sc. (Agriculture) in Respective Disciplines 3 Years.
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